बैनामा बनवाने के 6 कदम

1

ड्राफ्ट/एग्रीमेंट तैयार करें

वकील से बैनामे का ड्राफ्ट बनवाएं; संपत्ति विवरण, दोनों पक्ष और मूल्य साफ लिखें।

2

स्टाम्प ड्यूटी की गणना करें

सर्किल रेट/बाजार मूल्य (जो अधिक हो) पर स्टाम्प ड्यूटी निकालें (UP: पुरुष 7%, महिला 6%, संयुक्त 6.5%)।

3

ऑनलाइन भुगतान (IGRS UP)

igrsup.gov.in पर स्टाम्प ड्यूटी व पंजीकरण शुल्क का भुगतान करें और अपॉइंटमेंट लें।

4

उप-निबंधक कार्यालय (SRO) जाएं

दोनों पक्ष, 2 गवाह व पहचान पत्रों के साथ निर्धारित समय पर उपस्थित हों।

5

निष्पादन व बायोमेट्रिक

फोटो, अंगूठा/हस्ताक्षर व बायोमेट्रिक के साथ बैनामा निष्पादित (execute) होता है।

6

रजिस्टर्ड नकल प्राप्त करें

रजिस्ट्रेशन के बाद रजिस्टर्ड बैनामे की नकल लें और दाखिल खारिज कराएं।

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कौन सा दस्तावेज कब बनता है?

बैनामा / सेल डीड (Sale Deed)

जब पैसे के बदले संपत्ति बेची/खरीदी जाती है।

दान पत्र (Gift Deed)

जब बिना पैसे के संपत्ति उपहार में दी जाती है (अक्सर परिवार में)।

वसीयत (Will)

जब मृत्यु के बाद संपत्ति किसे मिलेगी यह तय करना हो।

बंटवारा (Partition Deed)

जब संयुक्त संपत्ति सह-मालिकों के बीच हिस्सों में बांटनी हो।

सामान्य प्रश्न

Q.बैनामा और दान पत्र में क्या अंतर है?

बैनामा में पैसे के बदले बिक्री होती है; दान पत्र में बिना पैसे के (गिफ्ट) संपत्ति दी जाती है (अक्सर परिवार में)।

Q.क्या वसीयत रजिस्टर कराना जरूरी है?

कानूनन अनिवार्य नहीं, पर रजिस्टर्ड वसीयत ज्यादा मजबूत मानी जाती है और विवाद में मदद करती है।

Q.बंटवारा (partition deed) क्या है?

संयुक्त संपत्ति को सह-मालिकों के बीच हिस्सों में बांटने का दस्तावेज।

Q.दान पत्र पर स्टाम्प ड्यूटी लगती है?

हां, दान पत्र पर भी स्टाम्प ड्यूटी लगती है; कुछ राज्यों में करीबी रिश्तेदारों को रियायत मिलती है — वर्तमान नियम जांचें।

रजिस्ट्री कैलकुलेटर स्टाम्प ड्यूटी दस्तावेज़ चेकलिस्ट

यह गाइड सूचनात्मक है। कानूनी दस्तावेज बनवाने से पहले वकील से सलाह लें — शुल्क व नियम राज्य/तहसील अनुसार बदल सकते हैं।

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