जमीन का सर्किल रेट कैसे पता करें? (त्वरित उत्तर)

  1. आधिकारिक पोर्टल igrsup.gov.in खोलें।
  2. ऊपर मेन्यू में "मूल्यांकन सूची" पर क्लिक करें।
  3. अपना जिला चुनें।
  4. अपना उप-निबंधक कार्यालय (SRO/तहसील) चुनें।
  5. कैप्चा भरें और सर्किल रेट सूची देखें/डाउनलोड करें।

प्रमुख शहरों के संकेतात्मक सर्किल रेट

आवासीय क्षेत्रों की उदाहरण रेंज (₹/वर्ग मीटर)। अपने जिले का पूरा पेज खोलकर इलाकेवार दर देखें।

शहरआवासीय संकेतात्मक रेंज
लखनऊ₹18,000–77,000/वर्ग मीटरविवरण
गौतम बुद्ध नगर₹52,000–1,03,000/वर्ग मीटरविवरण
गाजियाबाद₹27,000–1,03,000/वर्ग मीटरविवरण
मेरठ₹63,650–1,09,850/वर्ग मीटरविवरण
आगरा₹26,000–82,000/वर्ग मीटरविवरण
गोरखपुर₹55,000–60,000/वर्ग मीटरविवरण
आधिकारिक रेट सत्यापित करें (IGRS UP)

ये आंकड़े सार्वजनिक रिपोर्टों पर आधारित संकेतात्मक (indicative) उदाहरण हैं — पूरी सूची नहीं। आपके मोहल्ले/गांव का सटीक सर्किल रेट अलग हो सकता है। रजिस्ट्री से पहले हमेशा आधिकारिक पोर्टल igrsup.gov.in पर सत्यापित करें।

अपनी डील चेक करें

क्षेत्रफल और सर्किल रेट डालें — न्यूनतम रजिस्ट्री मूल्य, स्टाम्प ड्यूटी और कुल खर्च तुरंत देखें।

इस पेज पर

सर्किल रेट क्या होता है?

सर्किल रेट वह न्यूनतम सरकारी मूल्य है जो UP सरकार (स्टाम्प एवं निबंधन विभाग) प्रत्येक क्षेत्र की जमीन/संपत्ति के लिए तय करती है। इसे गाइडलाइन रेट, सरकारी रेट या DM रेट भी कहा जाता है। किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री इससे कम कीमत पर नहीं हो सकती।

सर्किल रेट आवासीय, व्यावसायिक और कृषि भूमि के लिए अलग-अलग होता है, और एक ही शहर के अलग-अलग मोहल्लों में भी बदलता है। यह हर साल (आमतौर पर अप्रैल के आसपास) संशोधित होता है।

IGRS UP पर सर्किल रेट कैसे देखें — स्टेप बाय स्टेप

1

IGRS UP पोर्टल खोलें

igrsup.gov.in खोलें — यह UP स्टाम्प एवं निबंधन विभाग का आधिकारिक पोर्टल है।

2

"मूल्यांकन सूची" पर क्लिक करें

ऊपर मेन्यू में "मूल्यांकन सूची" विकल्प चुनें — यही सीधे सर्किल रेट सूची देता है।

3

अपना जिला चुनें

जिला (District) ड्रॉपडाउन से अपना जिला चुनें।

4

उप-निबंधक कार्यालय (SRO) चुनें

अपना उप-निबंधक कार्यालय (SRO / तहसील) ड्रॉपडाउन से चुनें।

5

कैप्चा भरें और सूची देखें

कैप्चा कोड भरें और सर्किल रेट सूची (मूल्यांकन सूची) देखें या डाउनलोड करें।

किसी खास संपत्ति का मूल्यांकन (रजिस्ट्री के लिए)

यह ऊपर वाली "मूल्यांकन सूची" से अलग टूल है। जब आपको किसी एक विशेष संपत्ति का रजिस्ट्री-मूल्य निकालना हो (क्षेत्रफल सहित), तो यह तरीका इस्तेमाल करें:

1

IGRS UP पर "संपत्ति मूल्यांकन" खोलें

igrsup.gov.in पर "संपत्ति पंजीकरण / मूल्यांकन" विकल्प चुनें।

2

जिला, तहसील और क्षेत्र चुनें

जिला, तहसील और मोहल्ला/गांव (क्षेत्र) चुनें जहां संपत्ति है।

3

संपत्ति का प्रकार चुनें

आवासीय / व्यावसायिक / कृषि और भूमि/भवन का चयन करें।

4

क्षेत्रफल भरें → मूल्यांकन देखें

क्षेत्रफल दर्ज करें और उस विशेष संपत्ति का अनुमानित मूल्यांकन (रजिस्ट्री हेतु) देखें।

सर्किल रेट vs बाजार भाव (Market Value)

आधारसर्किल रेटबाजार भाव
तय कौन करता हैसरकार (जिला प्रशासन)खरीदार-विक्रेता (मांग-आपूर्ति)
मतलबन्यूनतम सरकारी मूल्यवास्तविक खरीद-बिक्री मूल्य
आमतौर परकम या बराबरसर्किल रेट से ज्यादा
उपयोगरजिस्ट्री, स्टाम्प ड्यूटीवास्तविक सौदा

स्टाम्प ड्यूटी हमेशा सर्किल रेट और बाजार भाव में से जो अधिक हो, उस पर लगती है।

अपने जिले का सर्किल रेट देखें (गाइडेड)

अपना जिला चुनें

जिला चुनें — हम आपको सर्किल रेट देखने का गाइडेड तरीका देंगे।

खोजें या नीचे पूरी सूची देखें ↓

सर्किल रेट क्यों जरूरी है?

स्टाम्प ड्यूटी

रजिस्ट्री पर स्टाम्प ड्यूटी सर्किल रेट या बाजार मूल्य (जो अधिक हो) पर लगती है।

रजिस्ट्री शुल्क

रजिस्ट्रेशन फीस भी इसी मूल्य पर आधारित होती है।

होम लोन

बैंक लोन देते समय सर्किल रेट को आधार मानते हैं।

इनकम टैक्स

सर्किल रेट से कम पर सौदा दिखाने पर टैक्स देनदारी बन सकती है।

जिलेवार सर्किल रेट — सभी 75 जिले

अपने जिले का पेज खोलें — वहां उस जिले के लिए पूरी गाइड और गाइडेड हैंडऑफ मिलेगा।

आजमगढ़ मंडल

सर्किल रेट — सामान्य प्रश्न (FAQ)

Q.सर्किल रेट क्या होता है?

सर्किल रेट वह न्यूनतम सरकारी मूल्य है जो UP सरकार हर क्षेत्र की जमीन/संपत्ति के लिए तय करती है। इसे गाइडलाइन रेट, सरकारी रेट या DM रेट भी कहा जाता है। रजिस्ट्री और स्टाम्प ड्यूटी इसी पर आधारित होती है।

Q.जमीन का सर्किल रेट कैसे पता करें (UP)?

igrsup.gov.in पर "मूल्यांकन सूची" खोलें → जिला चुनें → उप-निबंधक कार्यालय (SRO/तहसील) चुनें → कैप्चा भरें → सर्किल रेट सूची देखें/डाउनलोड करें। इस पेज पर जिला चुनकर गाइडेड तरीका भी दिया गया है।

Q.जमीन का सरकारी रेट क्या है?

जमीन का "सरकारी रेट" ही सर्किल रेट है — यानी वह न्यूनतम कीमत जिस पर सरकार उस जमीन की रजिस्ट्री की अनुमति देती है। असली बाजार कीमत इससे ज्यादा हो सकती है।

Q.UP सर्किल रेट और बाजार भाव में अंतर?

सर्किल रेट = सरकारी न्यूनतम मूल्य (रजिस्ट्री के लिए)। बाजार भाव = वास्तविक खरीद-बिक्री मूल्य। स्टाम्प ड्यूटी दोनों में से जो अधिक हो उस पर लगती है।

Q.सर्किल रेट कौन तय करता है?

सर्किल रेट जिला प्रशासन (जिलाधिकारी/कलेक्टर) स्थानीय स्तर पर तय करता है और UP सरकार (स्टाम्प एवं निबंधन विभाग) इसे अधिसूचित करती है।

Q.सर्किल रेट कब बदलता है?

UP में सर्किल रेट आमतौर पर साल में एक बार संशोधित होता है (अक्सर अप्रैल के आसपास)। विकसित होते क्षेत्रों में यह बढ़ता है।

Q.क्या सर्किल रेट से कम पर रजिस्ट्री हो सकती है?

नहीं। संपत्ति की रजिस्ट्री सर्किल रेट से कम मूल्य पर नहीं हो सकती। बाजार मूल्य अधिक होने पर स्टाम्प ड्यूटी बाजार मूल्य पर लगती है।

सर्किल रेट का सटीक मूल्य केवल आधिकारिक पोर्टल igrsup.gov.in पर उपलब्ध दर से ही सत्यापित करें। Bhoovik एक स्वतंत्र सूचना पोर्टल है, सरकारी वेबसाइट नहीं, और किसी दर की गारंटी नहीं देता।