उत्तर प्रदेश में जमीन की रजिस्ट्री कैसे होती है? स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्री शुल्क, आवश्यक दस्तावेज और पूरी प्रक्रिया का विवरण।

रजिस्ट्री क्यों जरूरी है?

भारत में संपत्ति हस्तांतरण के लिए Registration Act 1908 के तहत रजिस्ट्री अनिवार्य है। बिना रजिस्ट्री के किया गया लेन-देन कानूनी रूप से मान्य नहीं है।

UP में स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क

  • स्टाम्प ड्यूटी: पुरुष के नाम पर 7%, महिला के नाम पर 6%, संयुक्त नाम पर 6.5%
  • रजिस्ट्री शुल्क: 1% (अधिकतम ₹30,000)
  • इन्हें सर्किल रेट या बाजार मूल्य (जो भी अधिक हो) पर गणना करें
  • महिला के नाम पर खरीद पर 1% की बचत होती है

रजिस्ट्री के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • क्रेता और विक्रेता के आधार कार्ड (मूल + फोटोकॉपी)
  • PAN कार्ड दोनों का
  • पासपोर्ट साइज फोटो (2-2)
  • खतौनी की नवीनतम प्रति
  • नक्शे की प्रति
  • स्टाम्प पेपर (सर्किल रेट पर)
  • दो गवाह (आधार कार्ड सहित)

रजिस्ट्री की प्रक्रिया

  1. igrsup.gov.in पर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लें
  2. स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क जमा करें
  3. निर्धारित समय पर Sub-Registrar Office जाएं
  4. दोनों पक्ष और दो गवाह उपस्थित रहें
  5. बायोमेट्रिक सत्यापन और फोटो
  6. दस्तावेज पर हस्ताक्षर और अंगूठा
  7. रजिस्ट्री पूर्ण — रसीद प्राप्त करें

💡 हमारे Registry Calculator टूल से स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री शुल्क की अनुमानित गणना करें। ऊपर "Tools" मेनू में जाएं।

रजिस्ट्री के बाद 90 दिनों में दाखिल खारिज (Mutation) करवाना न भूलें। बिना म्यूटेशन के खतौनी में आपका नाम नहीं आएगा।

#registry#stamp-duty#registration#up#igrs

संबंधित लेख

सभी लेख देखें