दाखिल खारिज (नामांतरण) क्या है?

दाखिल खारिज यानी नामांतरण वह प्रक्रिया है जिसमें जमीन का स्वामित्व सरकारी राजस्व रिकॉर्ड (खतौनी) में एक व्यक्ति के नाम से दूसरे व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर होता है। रजिस्ट्री के बाद भी जब तक दाखिल खारिज न हो, खतौनी पुराने नाम से रहती है।

दाखिल खारिज कब जरूरी है?

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खरीद-बिक्री (रजिस्ट्री के बाद)

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उत्तराधिकार / वसीयत के बाद

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उपहार (Gift Deed)

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न्यायालय के आदेश से

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विभाजन / बंटवारे के बाद

आवश्यक दस्तावेज

रजिस्टर्ड बैनामा / वसीयत / न्यायालय आदेश (मूल)

खतौनी की नकल (upbhulekh.gov.in)

आवेदक का आधार कार्ड

शपथ पत्र (नोटरी द्वारा)

मृत्यु प्रमाण पत्र (उत्तराधिकार के मामले में)

परिवार रजिस्टर नकल (ग्राम पंचायत / नगरपालिका)

पासपोर्ट साइज फोटो (2)

दाखिल खारिज कैसे करें — 7 चरण

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Step 1

भूलेख पोर्टल पर जाएं

upbhulekh.gov.in खोलें और "दाखिल खारिज" लिंक पर क्लिक करें या सीधे वाद पोर्टल vaad.up.gov.in पर जाएं।

📝

Step 2

आवेदन फॉर्म भरें

जनपद, तहसील, ग्राम चुनें। स्थानांतरण का प्रकार (खरीद/विरासत/उपहार) चुनें। सभी विवरण सही भरें।

📎

Step 3

दस्तावेज अपलोड करें

स्कैन किए हुए दस्तावेज PDF/JPG में अपलोड करें। फाइल साइज 2MB से कम रखें।

🧾

Step 4

आवेदन शुल्क भुगतान

ऑनलाइन पोर्टल पर न्यूनतम शुल्क (₹10-50) का भुगतान करें और रसीद सुरक्षित रखें।

📋

Step 5

आवेदन संख्या नोट करें

सफल आवेदन के बाद एक unique आवेदन संख्या मिलेगी। इसे सुरक्षित रखें — स्थिति जांचने में काम आएगा।

🏛️

Step 6

तहसील सत्यापन

लेखपाल मौके पर जांच करेगा। आपत्ति होने पर 30 दिन में सुनवाई होगी।

Step 7

नई खतौनी प्राप्त करें

नामांतरण स्वीकृत होने पर नई खतौनी जारी होगी। upbhulekh.gov.in पर अपने नाम से सत्यापित करें।

सामान्य समयसीमा (Normal Cases)

Day 1

ऑनलाइन आवेदन

Day 7-15

लेखपाल जांच

Day 20-30

तहसीलदार अनुमोदन

Day 30-45

खतौनी अपडेट

* यह अनुमानित समय है। जटिल मामलों में अधिक समय लग सकता है। आवेदन स्थिति upbhulekh.gov.in या vaad.up.gov.in पर ट्रैक करें।

दाखिल खारिज के लिए आधिकारिक पोर्टल

📝 आवेदन करें (नया दाखिल खारिज)

upbhulekh.gov.in

UP भूलेख → नामांतरण आवेदन

🔍 स्थिति जांचें (Application Status)

vaad.up.gov.in

राजस्व न्यायालय → आवेदन स्थिति

संबंधित गाइड

कई मामलों में नामांतरण या भूमि से जुड़ी सरकारी योजनाओं के लिए आय या मूल निवास प्रमाण पत्र भी मांगा जा सकता है:

यह गाइड सूचनात्मक है। नियम और शुल्क समय-समय पर बदल सकते हैं। किसी भी विवाद या कठिनाई में स्थानीय वकील या तहसीलदार से संपर्क करें। Bhoovik एक स्वतंत्र सूचना पोर्टल है और सरकार से संबद्ध नहीं है।